Phishing Scam in Hindi : जानिए कैसे होता है फिशिंग स्कैम?

आज के डिजिटल युग में इंटरनेट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. लेकिन इस बढ़ते हुए टेक्नोलॉजी के दौर में साइबर धोखाधड़ी का खतरा भी उतना ही बढ़ गया है. इन खतरों में से एक बड़ा खतरा है फिशिंग (Phishing Scam) का. अगर आप ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते हैं, खरीदारी करते हैं या सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं तो फिशिंग से बचने के लिए आपको सतर्क रहना बहुत जरूरी है.

तो आइए जानते हैं कि फिशिंग क्या है और इससे कैसे बचा जा सकता है:

फिशिंग स्कैम क्या है? (What is Phishing Scam)

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फिशिंग एक ऐसा जाल है जिसे ऑनलाइन ठग धोखाधड़ी करने के लिए बिछाते हैं. वे अपने आपको किसी भरोसेमंद संस्था जैसे बैंक, सरकारी विभाग, ई-कॉमर्स कंपनी या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का प्रतिरूपण करते हैं और आपको ईमेल, एसएमएस, फोन कॉल्स या लिंक्स के माध्यम से धोखा देते हैं. उनका मकसद आपकी निजी जानकारी जैसे यूजरनेम, पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड नंबर, ओटीपी या अन्य संवेदनशील डेटा चोरी करना होता है.

फिशिंग के तरीके (Types of Phishing Scam)

i) ईमेल फिशिंग:

ठग धोखाधड़ी वाले ईमेल भेजते हैं जो एक भरोसेमंद संस्था से प्राप्त होने की तरह दिखते हैं. इन ईमेल में कोई जरूरी अपडेट, खतरे, लॉटरी जीतने की सूचना या अन्य किसी लुभावनी बात का जिक्र किया जाता है. जब आप ईमेल में दिए गए लिंक पर क्लिक करते हैं तो आप एक नकली वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं जो पूरी तरह से असली वेबसाइट की तरह दिखती है. यहां पर जब आप अपनी निजी जानकारी डालते हैं तो वह सीधे ठगों के पास पहुंच जाती है.

ii) एसएमएस फिशिंग (स्मिशिंग):

यह ईमेल फिशिंग की तरह ही होता है, लेकिन इसमें आपको धोखाधड़ी वाले टेक्स्ट मैसेज भेजे जाते हैं.

iii) फोन कॉल्स (विशिंग):

कुछ ठग फोन करके भी धोखाधड़ी करते हैं. वे आपको किसी समस्या के बारे में बताते हैं और उस समस्या को हल करने के लिए आपसे आपकी निजी जानकारी मांगते हैं.

iv) सोशल मीडिया फिशिंग:

ठग सोशल मीडिया पर भी अपने जाल बिछाते हैं. वे नकली कॉन्टेस्ट, लॉटरी या अन्य फर्जी पोस्ट या लिंक शेयर करते हैं. उन पर क्लिक करने से आपकी जानकारी चोरी हो सकती है.


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फिशिंग से कैसे बचें? (How to Avoid Phishing Scam?)

संदेह करें

अगर कोई ईमेल, एसएमएस, कॉल्स या लिंक आपको अविश्वसनीय लगे तो उस पर विश्वास न करें. भरोसेमंद संस्थाएं आमतौर पर ऐसी अनचाहे संदेश नहीं भेजती हैं.

लिंक पर क्लिक न करें

बिना सोचे-समझे लिंक पर क्लिक न करें. लिंक को होवर करके उसकी असली वेबसाइट का पता देख लें

डेटा साझा न करें

 अपनी गोपनीय जानकारी जैसे यूजरनेम, पासवर्ड, ओटीपी, क्रेडिट कार्ड नंबर किसी को भी ईमेल, एसएमएस, फोन पर या वेबसाइट पर तब तक न दें जब तक आप पूरी तरह से आश्वस्त न हों कि वह असली है

मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें

अपने सभी ऑनलाइन अकाउंट्स के लिए अलग-अलग और मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें

एंटी-फिशिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें

अपने कंप्यूटर या फोन में एक अच्छा एंटी-फिशिंग सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें

अपने ऑपरेटिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयर को अपडेट रखें

अपडेट्स में अक्सर सुरक्षा संबंधी पैच होते हैं जो हाईजैकरों के नए तरीकों से आपकी जानकारी चुराने से बचाते हैं

ब्लॉग अस्वीकरण

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